
निषाद पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश सचिव ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में डॉ. संजय निषाद और उनके बेटों को ठहराया जिम्मेदार
- By UP Samachaar Plus --
- Monday 17 Feb, 2025
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मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा
UP Samachar Plus
महराजगंज: निषाद पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद ने रविवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले धर्मात्मा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक सुसाइड नोट पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद और उनके दोनों बेटों—पूर्व सांसद प्रवीण निषाद और चौरीचौरा विधायक श्रवण निषाद—पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उन्हें अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
धर्मात्मा निषाद ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह पिछले 10 वर्षों से डॉ. संजय कुमार निषाद और उनके संगठन के लिए समर्पित रूप से काम कर रहा था, लेकिन उसकी बढ़ती लोकप्रियता से असुरक्षित महसूस कर विरोधियों ने उसके खिलाफ साजिशें रचनी शुरू कर दीं। सुसाइड नोट के अनुसार, युवक को फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा गया, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद टूट चुका था। उसने बताया कि उसे कमजोर करने के लिए उसके ही साथियों को भड़काकर उनके खिलाफ खड़ा कर दिया गया। यहां तक कि उसके परिवार को भी निशाना बनाया गया।
➡️ सुसाइड नोट में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद और उनके बेटों को ठहराया मौत का जिम्मेदार
➡️ स्वजन और समर्थकों का धरना, मंत्री और उनके बेटों के खिलाफ मुकदमे की मांग।
➡️ डॉ. संजय निषाद ने आरोपों को बताया साजिश, निष्पक्ष जांच की मांग की।
➡️ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई।
सुसाइड नोट में लिखा – “मैं अपनी जिंदगी की लड़ाई हार गया”
धर्मात्मा निषाद ने आत्महत्या से पहले फेसबुक पर लिखा, "मैं अपनी जिंदगी की लड़ाई हार गया, यह आखिरी संदेश है, मुझे माफ करना मां, अंजली, भैया, दीदी।" सुसाइड नोट में धर्मात्मा ने स्पष्ट रूप से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद, उनके बेटों और जयप्रकाश निषाद का नाम लेते हुए उन्हें अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया।
स्वजन और समर्थकों में आक्रोश, मंत्री पर मुकदमे की मांग
धर्मात्मा के निधन की सूचना मिलते ही स्वजन और समर्थक आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग और समर्थक मौके पर पहुंच गए और गांगी बाजार-पीपीगंज मार्ग पर धरना देकर मंत्री डॉ. संजय निषाद, पूर्व सांसद प्रवीण निषाद और विधायक श्रवण निषाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
डॉ. संजय निषाद ने आरोपों को बताया साजिश
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने सभी आरोपों को साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "यह घटना मुझे और मेरे परिवार को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है। धर्मात्मा कभी आत्महत्या नहीं कर सकते थे, वह एक मजबूत और क्रांतिकारी युवा नेता थे। इस घटना के पीछे राजनीतिक षड्यंत्र हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"
पुलिस कर रही है गहन जांच
महराजगंज एसपी सोमेंद्र मीना ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा, "हम सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
धर्मात्मा निषाद का राजनीतिक सफर
पनियरा के नरकटाहा गांव के निवासी धर्मात्मा निषाद लंबे समय से निषाद पार्टी से जुड़े थे। उन्हें पार्टी ने युवा मोर्चा का प्रदेश सचिव बनाया था, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद से मतभेदों के चलते उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी। सुसाइड नोट में धर्मात्मा निषाद ने अपने परिवार, पत्नी, और बेटी से माफी मांगते हुए लिखा कि वह समाज के लिए लड़ता रहा और अपने परिवार को समय नहीं दे पाया। उसने अपने क्रांतिकारी साथियों से भी क्षमा मांगी और निषाद समाज से अपील की कि वे उसके परिवार का ख्याल रखें।